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Noticias de Singrauli: Las preguntas planteadas sobre la carretera modelo, valorada en millones de rupias, y la construcción que se lleva a cabo en la oscuridad de la noche, se convirtieron en tema de debate.
माजन मोड़ से नवजीवन विहार तक बन रही सड़क की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
Singrauli News: सिंगरौली। शहर को आधुनिक स्वरूप देने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम द्वारा तैयार की जा रही मॉडल रोड परियोजना अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। माजन मोड़ से नवजीवन विहार तक करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क के निर्माण कार्य पर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य रात के अंधेरे में कराया जा रहा है, ताकि गुणवत्ता में हो रही कथित गड़बड़ियों को छिपाया जा सके।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जिस सड़क को शहर की “मॉडल रोड” के रूप में विकसित किया जा रहा है, उसी के निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। नागरिकों के अनुसार सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा डामर निम्न गुणवत्ता का प्रतीत हो रहा है और वह “मोबिल” जैसा दिखाई दे रहा है। लोगों का आरोप है कि सड़क की परत बेहद कमजोर नजर आ रही है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की जगह केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
दिन में सुस्त, रात में तेज हो जाता है निर्माण कार्य
रहवासियों ने बताया कि दिन के समय जब लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, तब निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चलता है, लेकिन देर रात अचानक मशीनें और मजदूर सक्रिय हो जाते हैं। इससे लोगों के बीच संदेह गहराता जा रहा है कि निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं को सार्वजनिक नजरों से बचाने के लिए रात में तेजी से काम कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर डाली जा रही डामर की परत और उसकी पकड़ देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ ही महीनों में सड़क उखड़ सकती है या उसमें दरारें पड़ सकती हैं। नागरिकों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते निर्माण गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यह सड़क जल्द ही खराब हो जाएगी।
करोड़ों के टेंडर के बावजूद गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि मॉडल रोड निर्माण से क्षेत्र के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान स्थिति ने लोगों की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये के टेंडर के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। कुछ व्यापारियों ने कहा कि पहले भी शहर में कई निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। यही वजह है कि अब मॉडल रोड निर्माण को लेकर भी लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिक निगम सिंगरौली के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी गंभीरता से नहीं की जा रही है। निर्माण स्थल पर न तो नियमित निरीक्षण हो रहा है और न ही सामग्री की गुणवत्ता की प्रभावी जांच कराई जा रही है।
रहवासियों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये की परियोजना में ही गुणवत्ता पर सवाल उठने लगें तो यह सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार निर्माण स्थल पर पानी का छिड़काव और रोलर का उपयोग भी मानक के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों ने सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है तो जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी, लेकिन यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कराई जाए और कार्यस्थल पर गुणवत्ता संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है यह सड़क
माजन मोड़ से नवजीवन विहार तक का यह मार्ग शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉडल रोड का उद्देश्य शहर को सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है, लेकिन यदि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता नहीं होगी तो यह परियोजना जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।