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सुरक्षा के नाम पर 19 अगस्त को खनन कार्य बंद, मजदूरों ने पूछा—कंपनी ने काम रोका तो मजदूरी का बोझ श्रमिकों पर क्यों?
Singrauli News: सिंगरौली। भारी बारिश के बीच कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 19 अगस्त 2026 को अमलोरी क्षेत्र में खनन संबंधी कार्य बंद रखने के नोटिस ने करीब 1600 कामगारों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है। कंपनी ने खराब मौसम, आवागमन में कठिनाई और कार्यस्थल पर संभावित दुर्घटना के खतरे को देखते हुए श्रमिकों की सुरक्षा के मद्देनजर काम बंद रखने का निर्णय लिया है। कंपनी के अनुसार मौसम सामान्य होने और सक्षम अधिकारी के निर्देश के बाद ही काम दोबारा शुरू किया जाएगा।
हालांकि, कार्यबंदी के बाद श्रमिकों के सामने मजदूरी और भुगतान का सवाल खड़ा हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से काम करने से इनकार नहीं किया, बल्कि कंपनी ने सुरक्षा कारणों से स्वयं काम बंद कराया है। ऐसे में यदि इस अवधि को ‘नो वर्क, नो पे’ के आधार पर माना जाता है तो इसका आर्थिक भार मजदूरों पर क्यों डाला जाए?
सुरक्षा का फैसला कंपनी का, भुगतान पर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं?
श्रमिकों का कहना है कि खराब मौसम में काम करना जोखिमपूर्ण है और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। लेकिन यदि कंपनी ने सुरक्षा कारणों से कार्य बंद करने का फैसला लिया है, तो कार्यबंदी की अवधि में मजदूरी, अवकाश और अन्य वैधानिक प्रावधानों को लेकर प्रबंधन को स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए। मजदूरों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब काम बंद करने का निर्णय कंपनी ने लिया है, तो उस अवधि की मजदूरी का क्या होगा?
GM और HR से जवाब की मांग
करीब 1600 कामगारों की आजीविका से जुड़े इस मामले में अब KCCL के GM और HR विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। श्रमिक चाहते हैं कि प्रबंधन स्पष्ट करे कि 19 अगस्त की घोषित कार्यबंदी के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों के भुगतान को लेकर क्या नियम लागू होंगे। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें केवल ‘नो वर्क, नो पे’ की आशंका बताने के बजाय उनके वैधानिक अधिकारों और भुगतान व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
दो दिन की बारिश या मजदूरों की रोजी-रोटी का सवाल?
श्रमिकों का आरोप है कि पूरे सीजन में उनसे काम लिया जाता है, लेकिन बारिश के दौरान सुरक्षा के नाम पर काम बंद होने पर उसका असर सीधे उनकी जेब पर पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि दो दिन की कार्यबंदी भले ही कंपनी के लिए सामान्य प्रशासनिक निर्णय हो, लेकिन दैनिक मजदूरी पर निर्भर कामगारों के लिए यह सीधे परिवार की आय से जुड़ा मामला है। फिलहाल कंपनी ने मौसम सामान्य होने के बाद कार्य शुरू करने के लिए अलग से सूचना जारी करने की बात कही है। ऐसे में अब निगाहें KCCL प्रबंधन के उस फैसले पर हैं कि कार्यबंदी की अवधि में 1600 कामगारों के भुगतान को लेकर क्या व्यवस्था की जाती है।