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Singrauli News: Case of alleged illegal construction in the NCL Jayant residential complex; bricks delivered to B-174.
सेक्टर-3 स्थित आवंटित क्वार्टर में निर्माण सामग्री पहुंचने का वीडियो वायरल, अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
Singrauli News: सिंगरौली/जयंत। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के जयंत परियोजना स्थित आवासीय परिसर में कथित अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। सेक्टर-3 के क्वार्टर क्रमांक B-174 में निर्माण सामग्री के रूप में ईंटें पहुंचाए जाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आवासीय परिसर में निर्माण संबंधी नियमों के पालन और जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो में आवंटित क्वार्टर के परिसर में ईंटों की खेप दिखाई दे रही है। इससे आशंका जताई जा रही है कि संबंधित आवास में निर्माण या बदलाव का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि, निर्माण की प्रकृति, उसकी वैधता और प्रबंधन से अनुमति लिए जाने के संबंध में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित क्वार्टर में निर्माण कार्य के लिए एनसीएल प्रबंधन से विधिवत अनुमति ली गई है? यदि अनुमति जारी की गई है तो उसके दस्तावेज और स्वीकृत निर्माण की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना अनुमति निर्माण कराया जा रहा है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
आवासीय परिसर में निर्माण सामग्री पहुंचने के बावजूद सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिसर में सामग्री के प्रवेश और निर्माण गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंची या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही सिविल विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आवास में किसी प्रकार के निर्माण अथवा संरचनात्मक बदलाव के लिए निर्धारित नियमों और स्वीकृति प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।
मामले में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित आवासधारक ने निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया है या नहीं। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय कर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
परियोजना प्रबंधन से भी अपेक्षा है कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर मौके का निरीक्षण कराया जाए और क्वार्टर B-174 में चल रही गतिविधियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाना चाहिए कि निर्माण सामग्री किस उद्देश्य से मंगाई गई और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया है या नहीं।
प्रबंधन की जांच और जवाब का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एनसीएल प्रबंधन की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रबंधन इस मामले की जांच कराता है या नहीं और आवासीय परिसर में निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में क्या कार्रवाई की जाती है। आवासीय परिसर में नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।