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Municipal corporation is facing shortage of officers and employees, work is being done by makeshift employees
Singrauli News : सिंगरौली। किसी भी संस्था में पदस्थ कर्मचारी उस विभाग की रीढ़ की हड्डी होती है और जब संस्था में कर्मचारी न हो तो न सिर्फ काम प्रभावित होता है बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था भी चौपट हो जाती है। ताजा मामला सिंगरौली नगर निगम का है जो बीते कई साल से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। आलम ये है कि कर्मचारी-अधिकारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। हालांकि कई तृतीय श्रेणी के कर्मचारी और उपयंत्री अपना राजनीतिक जुगाड़ और पैसे के दम पर कई मलाईदार पदों पर काम कर रहे हैं।
नगर निगम हाल के दिनों में तीनों जोन में कर्मचारियों-अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है, नगर निगम वर्तमान में आधे कर्मचारियों-अधिकारियों की दम पर निगम चला रहा है। हालांकि निगम में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये प्राइवेट लोगो से काम जरूर चलाया जा रहा है पर अधिकारी लगातार राज्य सरकार से भर्ती के लिए पत्राचार भी कर रहे है पर वहाँ से कोई जवाब नही मिल रहा है।
नगर निगम में स्थापना शाखा में पदस्थ एक अधिकारी की मांने तो कर्मचारियों-अधिकारियों की कमी के चलते अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है, अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। सहायक यंत्री नहीं होने से ऐसे लोगों को प्रभार दिया गया है जिनके पास उसे विभाग की ना तो डिग्री और ना ही जानकारी है। वहीं कई तृतीय ग्रेड के कर्मचारी और उपयंत्री पैसा और पॉलिटिकल संरक्षण पर कई मलाईदार पदों पर पदस्थ है। आलम यह है कि उच्च पदों पर कम या बिना योग्यता के लोग पद संभाले हैं. जिसके चलते ना तो कामों में गुणवत्ता और ना ही रिकार्डो का सही से संधारण हो पा रहा है। महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की कमी के चलते जनहित के काम भी प्रभावित हो रहे है। स्टाफ न होने के कारण लोगो के काम नही होते है वहीं ठेके कर्मियों के भरोसे रुके हुए कामों को पूरा किया जा रहा है।
जुगाड़ वाले कर्मचारियों की मौंज
नगर निगम में पद की योग्यता के अनुसार काम का बंटवारा नहीं किया गया है. या कह सकते हैं कि मलाईदार पदों पर जुगाड़ वाले लोग काम कर रहे हैं. आलम यह है कि उच्च पदों पर कम या बिना योग्यता के लोग पद संभाले हैं।
एक नजर कर्मचारियों की कमी के आंकड़ों पर
नगर निगम में कर्मचारियों और अधिकारियों की कुल स्वीकृत संख्या से करीब 30 प्रतिशत कर्मचारी-अधिकारी तैनात है। ऐसे में कर्मचारियों की कमी से नगर निगम जूझ रहा है। सहायक यंत्री- 7 पद, उपयंत्री-3 फायरमैन -8 माली के -3 पद रक्त है. हालांकि व्यवस्था के तौर पर संविदा में कर्मचारी को रखकर काम कराया जा रहा है।