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Asian Para Games 2026: मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा स्वर्ण, एशियाई पैरा खेलों में

Rama Posted on: 2026-10-23 11:26:00 Viewer: 51 Comments: 0 Country: India City: New Delhi

Asian Para Games 2026: मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा स्वर्ण, एशियाई पैरा खेलों में Asian Para Games 2026: Mona Agarwal wins second gold with a world record, creates history at the Asian Para Games

50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 में 357.5 अंक के साथ बनाया नया विश्व रिकॉर्ड, अवनि लेखरा चौथे स्थान पर रहीं

Asian Para Games 2026: नई दिल्ली। भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में मोना ने 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

स्वीडन की निशानेबाज का रिकॉर्ड तोड़ा
मोना ने 357.5 अंक के साथ स्वीडन की अन्ना बेंसन का विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। बेंसन ने इसी साल जुलाई में 356 अंक हासिल किए थे। मोना के प्रदर्शन ने उन्हें इस स्पर्धा में शीर्ष स्थान दिलाया। चीन की झांग कुइपिंग ने 353.7 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की किम मियुंग 344.4 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहीं। भारत की अवनि लेखरा 333.2 अंक लेकर चौथे स्थान पर रहीं।

लगातार बेहतर प्रदर्शन से बनाया रिकॉर्ड
38 वर्षीय मोना ने नीलिंग सीरीज में 101.4 अंक के साथ शुरुआत की। प्रोन सीरीज के बाद उनका कुल स्कोर 203.5 अंक रहा। इसके बाद स्टैंडिंग सीरीज में उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए 256.5, 307.3 और फिर आगे के चरणों में अपने स्कोर को बढ़ाया। अंततः 357.5 अंक के साथ उन्होंने नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। एसएच1 श्रेणी पैरा निशानेबाजी में उन खिलाड़ियों के लिए होती है, जो शारीरिक अक्षमता के बावजूद बिना गन स्टैंड के अपने हाथों से राइफल का वजन संभाल सकते हैं।

10 मीटर एयर राइफल में भी जीता था स्वर्ण
मोना ने इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 250 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता था। इस स्पर्धा में अवनि लेखरा ने रजत पदक हासिल किया था। दूसरे स्वर्ण के साथ मोना ने प्रतियोगिता में भारत के लिए एक और उपलब्धि दर्ज की।

पोलियो को नहीं बनने दिया सफलता की राह में बाधा
राजस्थान के सीकर में जन्मीं मोना अग्रवाल वर्तमान में जयपुर में रहती हैं। नौ महीने की उम्र में पोलियो होने के कारण उनके दोनों पैर प्रभावित हुए और उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत की। निशानेबाजी से पहले मोना ने शॉटपुट, चक्काफेंक, भालाफेंक और भारोत्तोलन जैसे खेलों में भी हिस्सा लिया। दो बच्चों की मां मोना ने दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की और कुछ ही वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई।

विश्व कप से पैरालंपिक तक का सफर
मोना ने 2023 में क्रोएशिया में आयोजित विश्व कप से अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित विश्व कप में एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल कर उन्होंने पैरालंपिक कोटा प्राप्त किया। पेरिस पैरालंपिक में अपने पदार्पण के दौरान मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। अब एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड के साथ उन्होंने अपने खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

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