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Delhi News: Cyber ??alert issued over security vulnerabilities in PHP; risk of remote attacks on websites.
CERT-In ने जारी की चेतावनी, सुरक्षा अपडेट लागू करने की सलाह; प्रभावित सर्वर पर बिना लॉगिन दुर्भावनापूर्ण कोड चलाए जाने की आशंका
Delhi News: नई दिल्ली। दुनिया भर में वेबसाइट और वेब एप्लिकेशन बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज PHP में दो सुरक्षा खामियां सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर प्रभावित सर्वर पर दूर से ही दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकते हैं। इससे वेबसाइटों का डेटा, सर्वर और ऑनलाइन सेवाएं जोखिम में पड़ सकती हैं। इन कमजोरियों की पहचान CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619 के रूप में की गई है। PHP की विकास टीम ने 21 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा अपडेट जारी किए हैं। वहीं, भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने भी चेतावनी जारी कर प्रभावित सिस्टम को सुरक्षित करने की सलाह दी है।
बिना लॉगिन सर्वर पर हमले की आशंका
PHP का इस्तेमाल दुनिया भर में बड़ी संख्या में वेबसाइटों और वेब एप्लिकेशन में किया जाता है। ऐसे में इससे जुड़ी सुरक्षा खामियां उन सर्वरों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं, जो प्रभावित संस्करणों पर चल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन कमजोरियों का संबंध मेमोरी करप्शन और डेटा को सही तरीके से संभालने में होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों से है। इनका सफलतापूर्वक फायदा उठाए जाने पर हमलावर सर्वर पर अनधिकृत कोड चला सकते हैं। इससे संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने, वेबसाइट की सेवाएं बाधित करने या सिस्टम की सुरक्षा से समझौता होने का खतरा है। हालांकि, सुरक्षा खामियों का सामने आना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि किसी वेबसाइट पर हमला हुआ है या उसका डेटा चोरी किया गया है।
सुरक्षा अपडेट जारी, पुराने संस्करणों की जांच जरूरी
PHP की विकास टीम ने प्रभावित संस्करणों के लिए सुरक्षा पैच जारी किए हैं। वेबसाइट संचालकों और सिस्टम प्रशासकों को अपने सर्वर पर इस्तेमाल हो रहे PHP संस्करण की जांच कर उपलब्ध सुरक्षा अपडेट जल्द लागू करने चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट से सीधे जुड़े सर्वरों और महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए अपडेट करना जरूरी है। जिन सिस्टम में तुरंत पैच लागू करना संभव नहीं है, उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्थायी रूप से नेटवर्क से अलग रखने पर विचार किया जा सकता है। सिस्टम प्रशासकों को सर्वर लॉग और अन्य सुरक्षा संकेतों की जांच भी करनी चाहिए, ताकि संभावित अनधिकृत गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा शोध में AI की भूमिका
सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का पता लगाने और उनके समाधान की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ रहा है। AI आधारित टूल कोड का विश्लेषण करने, संदिग्ध पैटर्न पहचानने और संभावित सुरक्षा समस्याओं की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन तकनीकों का इस्तेमाल हमलावर भी कर सकते हैं। इसलिए सुरक्षा शोध के साथ जिम्मेदार परीक्षण, विशेषज्ञों की निगरानी और समय पर अपडेट लागू करना आवश्यक है।
आम यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?
इन कमजोरियों का प्रमुख जोखिम प्रभावित PHP सर्वर और उन पर चलने वाली वेबसाइटों को है। यदि किसी सर्वर पर सफल हमला होता है, तो संबंधित ऑनलाइन सेवाएं बाधित हो सकती हैं या उस पर मौजूद जानकारी खतरे में पड़ सकती है। आम यूजर्स को किसी वेबसाइट के अस्थायी रूप से बंद होने को हैकिंग का पक्का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। उन्हें अपने ऑनलाइन खातों में असामान्य गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और संदिग्ध लिंक से बचना चाहिए। वहीं, वेबसाइट मालिकों के लिए सबसे जरूरी कदम प्रभावित PHP संस्करणों को सुरक्षित संस्करण में अपडेट करना और सिस्टम की नियमित निगरानी करना है।