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SBI News: Data of 3,897 SBI customers exposed on the dark web; bank states that funds in the accounts remain safe.
प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और WhatsApp से दी सूचना, डेटा लीक के स्रोत और दायरे की जांच के लिए स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी नियुक्त
SBI News: नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड डार्क वेब पर उजागर होने की जानकारी सामने आई है। बैंक ने शुक्रवार को कहा कि इस साइबर घटना के बावजूद ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है। बैंक के अनुसार, जिन ग्राहकों का डेटा प्रभावित पाया गया है, उन्हें ईमेल और WhatsApp के जरिए व्यक्तिगत रूप से सूचित किया गया है।
SBI ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में बताया कि प्रभावित ग्राहकों को घटना की जानकारी देने के साथ सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अपनाने की सलाह भी दी गई है। बैंक ने ग्राहकों से कहा है कि वे अपना वन-टाइम पासवर्ड (OTP), पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध फोन कॉल, संदेश और ईमेल से भी सावधान रहें।
डार्क वेब पर मिले 3.75 लाख रिकॉर्ड की जांच
SBI ने इसी सप्ताह डेटा उजागर होने की घटना की पुष्टि की थी। बैंक के मुताबिक, डार्क वेब पर उपलब्ध लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड के शुरुआती विश्लेषण में 3,897 ऐसे रिकॉर्ड मिले, जिनमें ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल थी। बैंक को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, रक्षा साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से ग्राहकों के डेटा के संभावित रूप से उजागर होने के संबंध में अलर्ट मिला था। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
नाम, मोबाइल नंबर और पते जैसी जानकारी शामिल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उजागर हुए रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, लिंग, ईमेल आईडी और आवासीय पते जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, बैंक शाखा, ग्राहक सूचना फाइल (CIF) से जुड़े पहचान विवरण, लीड आईडी और ऋण या लीड रिकॉर्ड से संबंधित मेटाडेटा का भी उल्लेख किया गया है। ऐसी जानकारी का दुरुपयोग करके साइबर ठग ग्राहकों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, डेटा उजागर होने की पूरी प्रकृति और संभावित दुरुपयोग की स्थिति की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
स्वतंत्र एजेंसी कर रही जांच
SBI ने बताया कि घटना सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा से जुड़ी प्रतिक्रिया और प्रभाव को सीमित करने की प्रक्रियाएं सक्रिय कर दी गई थीं। बैंक ने विस्तृत जांच और जोखिम आकलन के लिए CERT-In से मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को भी नियुक्त किया है। बैंक के अनुसार, उजागर हुए रिकॉर्ड की प्रामाणिकता और पूर्णता की जांच की जा रही है। साथ ही, डेटा लीक के संभावित स्रोत, दायरे और उससे जुड़े जोखिमों का पता लगाया जा रहा है।
ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह
बैंक ने ग्राहकों को आगाह किया है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, ATM पिन, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले या संदिग्ध लिंक भेजने वाले लोगों से सतर्क रहें। यदि किसी ग्राहक को खाते से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसे तुरंत बैंक के आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करना चाहिए। SBI ने खातों में जमा राशि सुरक्षित होने की बात दोहराई है, जबकि डेटा उजागर होने की घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है।