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CCRAS and NCISM launch 'Smart 2.0' for Ayurveda teaching professionals
सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (CCRAS) ने नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के सहयोग से आयुर्वेदिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 'SMART 2.0' के लॉन्च की घोषणा की है। सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर रबीनारायण आचार्य ने बुधवार काे बताया कि इस अध्ययन का उद्देश्य बाल कासा, कुपोषण, अपर्याप्त स्तनपान, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और डायबिटीज मेलिटस जैसे अनुसंधान के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और आयुर्वेद फॉर्मूले का पालन करना है।
यह कार्यक्रम देश भर में शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के साथ सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से आयुर्वेद के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में मजबूत नैदानिक अध्ययन की सुविधा प्रदान करेगा।
आयुष मंत्रालय ने बताया कि 'स्मार्ट 2.0' का उद्देश्य अंतःविषय अनुसंधान (Interdisciplinary research methods) विधियों का उपयोग करके आयुर्वेद विधियों की प्रभावकारिता और सुरक्षा को प्रदर्शित करने तथा इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल में बदलने के लिए एक वास्तविक प्रमाण तैयार करना है। इस प्रोग्राम में 38 कॉलेजों के शिक्षण पेशेवरों की सक्रिय भागीदारी से लगभग 10 बीमारियों को शामिल किया गया हैं।
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर (वीडी) रबीनारायण आचार्य के अनुसार इस अध्ययन का उद्देश्य बाल कासा, कुपोषण, अपर्याप्त स्तनपान, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और डायबिटीज मेलिटस (डीएम) II जैसे अनुसंधान के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सुरक्षा, सहनशीलता और आयुर्वेद फॉर्मूले का पालन करना है।
बता दें कि सीसीआरएएस आयुर्वेद में वैज्ञानिक आधार पर अनुसंधान के नियमन, समन्वय, विकास और प्रचार का शीर्ष संगठन है जो आयुष मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
जिन लोगों को सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों को शुरू करने में रुचि हैं, वे आयुर्वेद शैक्षणिक संस्थान सीसीआरएएस की वेबसाइट http://ccras.nic.in/sites/default/files/Notices/02012024_SMART.pdf पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में 'रुचि की अभिव्यक्ति' प्रस्तुत कर सकते हैं। इस बारे में सूचना या सवाल 10 जनवरी को या उससे पहले ccrassmart2.0gmailcom के ईमेल पर भेजा जा सकता है जिसकी एक प्रति president[dot]boa[at]ncismindia[dot]org पर भी भेजी जा सकती है।