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माजन-बिलौंजी और बैढ़न के आसपास बोल्डरों की बिक्री के आरोप, खनिज विभाग की कार्रवाई पर सवाल
Singrauli News: सिंगरौली। कोतवाली थाना क्षेत्र में सफेद पत्थर के बोल्डरों के कथित अवैध कारोबार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। माजन, बिलौंजी और बैढ़न के आसपास पत्थरों की बिक्री तथा ट्रैक्टरों से उनकी ढुलाई किए जाने के आरोप हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि प्रतिदिन पांच से दस ट्रैक्टर बोल्डर लेकर निकलते हैं और इनकी आपूर्ति आसपास के ठेकेदारों तथा निर्माण कार्य कराने वालों तक की जाती है। इसके बावजूद कथित कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने को लेकर खनिज विभाग और स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि सफेद पत्थरों का इस्तेमाल सड़क निर्माण, मकानों की नींव, चारदीवारी और गिट्टी के रूप में किया जाता है। यदि इन पत्थरों का उत्खनन और परिवहन बिना वैध अनुमति के हो रहा है, तो इससे शासन को राजस्व की क्षति हो सकती है। हालांकि, पत्थरों की निकासी की मात्रा, उनके स्रोत और परिवहन की वैधता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
कोतवाली क्षेत्र में सुबह-शाम होती है ढुलाई
स्थानीय लोगों के अनुसार, माजन, बिलौंजी और बैढ़न के आसपास सुबह-सुबह और शाम के समय बोल्डरों की ढुलाई की जाती है। आरोप है कि ट्रैक्टरों के जरिए पत्थर विभिन्न स्थानों पर पहुंचाए जाते हैं और निर्माण कार्यों में खपाए जाते हैं। इस गतिविधि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए वाहनों की जांच, पत्थरों के स्रोत और परिवहन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है। कोतवाली थाना क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे इस कारोबार को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि नियमित रूप से पत्थरों की ढुलाई हो रही है, तो संबंधित विभागों ने इसकी जांच और निगरानी के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मिलीभगत के आरोप, कार्रवाई पर निगाहें
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कथित कारोबार पर कार्रवाई नहीं होने के पीछे संबंधित विभागों की उदासीनता है। खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
अमलोरी-निगाही परियोजना क्षेत्र से ओबी निकासी के आरोप
पत्थरों के कथित कारोबार के साथ नवानगर थाना क्षेत्र स्थित एनसीएल की अमलोरी और निगाही परियोजनाओं के खदान क्षेत्रों से ओवरबर्डन (ओबी) के बोल्डर और मिट्टी निकाले जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। दावा है कि इस सामग्री को वाहनों के जरिए आसपास के क्षेत्रों में ले जाकर बेचा जाता है। यदि ऐसा बिना अनुमति हो रहा है, तो यह खदानों की सुरक्षा, सामग्री की निगरानी और राजस्व से जुड़ा गंभीर जांच का विषय है। हालांकि, कोतवाली क्षेत्र में सफेद पत्थरों की बिक्री और नवानगर क्षेत्र में ओबी सामग्री की कथित निकासी अलग-अलग स्थानों से जुड़े मामले हैं। दोनों की जांच संबंधित क्षेत्राधिकार और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए।