Singrauli News: पांच साल में तीसरी बार सड़क पर करोड़ों का दांव, 9 करोड़ के डामरीकरण पर उठे सवाल
Sidhi News: कथित धर्मांतरण के विरोध में सीधी में पैदल मार्च, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
Sidhi News: सीधी में 40 हजार की रिश्वत लेते जनजाति कार्य विभाग का कर्मचारी गिरफ्तार, लोकायुक्त की का
Singrauli News: अंबेडकर चौक प्लाजा में शव मिलने से मचा हड़कंप, पहचान में जुटी पुलिस
Asian Para Games 2026: मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा स्वर्ण, एशियाई पैरा खेलों में
Delhi News: सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 2 लाख रुपये के नीचे आई चांदी
SBI News: एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर उजागर, बैंक बोला—खातों में जमा रकम सुरक्षित
Delhi News: PHP की सुरक्षा खामियों से साइबर अलर्ट, वेबसाइटों पर रिमोट हमले का खतरा
Delhi News: सऊदी अरब के लिए इंडिगो की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द, भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
Singrauli News: सिंगरौली की हिंडाल्को इंडस्ट्री में ₹22 हजार करोड़ के
2026 Nobel Prize in Chemistry: Henri Kagan and Kenso Soai awarded the 2026 Nobel Prize in Chemistry.
असममित कार्बनिक संश्लेषण में नॉन-लीनियर प्रभाव और ऑटोकैटेलिसिस की खोज के लिए मिला सम्मान
2026 Nobel chemistry prize: स्टॉकहोम। वैज्ञानिक हेनरी कागन और केन्सो सोआई को 2026 का नोबेल रसायन पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था के अनुसार, दोनों वैज्ञानिकों को “असममित कार्बनिक संश्लेषण में नॉन-लीनियर प्रभाव और ऑटोकैटेलिसिस की खोज” के लिए यह सम्मान दिया गया है। रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार नोबेल सप्ताह में चिकित्सा और भौतिकी के पुरस्कारों के बाद घोषित किया जाने वाला तीसरा पुरस्कार है।
अणुओं की ‘चिरैलिटी’ से जुड़ा है शोध
नोबेल समिति के रसायन विज्ञान अध्यक्ष हेनर लिंक ने बताया कि इस वर्ष का पुरस्कार रसायन विज्ञान की बुनियादी समझ से जुड़ा है। उन्होंने समझाया कि कई अणु दो अलग-अलग रूपों में पाए जाते हैं, जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब जैसे होते हैं। इन्हें चिरल (Chiral) अणु कहा जाता है। यह शब्द ग्रीक भाषा के उस शब्द से आया है, जिसका अर्थ हाथ होता है। कागन और सोआई के काम ने असममित कार्बनिक संश्लेषण में ऐसे रासायनिक प्रभावों और ऑटोकैटेलिसिस की समझ को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।
10 दिसंबर को मिलेगा पदक
नोबेल पुरस्कार स्वीडिश वैज्ञानिक और उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं। विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में इन पुरस्कारों की शुरुआत 1901 में हुई थी। अर्थशास्त्र का पुरस्कार बाद में स्वीडन के केंद्रीय बैंक द्वारा स्थापित किया गया। इस वर्ष के रसायन विज्ञान पुरस्कार के विजेताओं को 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ के हाथों पदक प्रदान किए जाएंगे। इसी दिन अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि भी होती है। पुरस्कार समारोह के बाद स्टॉकहोम सिटी हॉल में पारंपरिक भोज आयोजित किया जाएगा।
विजेताओं के बीच 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.2 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि साझा की जाएगी। पिछले वर्ष रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर यागी को मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क के विकास के लिए दिया गया था।