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Singrauli News: हाईकोर्ट ने पटवारी सेवा समाप्ति मामले में शासन से चार सप्ताह में मांगा जवाब

Rama Posted on: 2026-10-07 12:43:00 Viewer: 128 Comments: 0 Country: India City: Singrauli

Singrauli News: हाईकोर्ट ने पटवारी सेवा समाप्ति मामले में शासन से चार सप्ताह में मांगा जवाब Singrauli News: High Court seeks response from the government within four weeks regarding the termination of a Patwari's service.

याचिका में पटवारी अभिलेखों के साथ जिला रिकॉर्ड रूम की प्रतियों में भी छेड़छाड़ का दावा

Singrauli News: सिंगरौली। उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने पूर्व पटवारी की सेवा समाप्ति से जुड़े मामले में राज्य शासन एवं संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह मामला राजस्व अभिलेखों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले में केवल दो पटवारियों को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की गई, जबकि जिला रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित अभिलेखों की प्रतियों में भी छेड़छाड़ के तथ्य सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, हरिशंकर शुक्ल की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका क्रमांक 38075/2026 दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित पक्षों को चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवम शुक्ल ने पैरवी की।

29 गांवों के राजस्व अभिलेखों से जुड़ा मामला
याचिका में कहा गया है कि मामला करीब 29 गांवों के राजस्व अभिलेखों में हुई गड़बड़ियों से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल पटवारियों पर डाल दी गई, जबकि रिकॉर्ड रूम में रखे राजस्व अभिलेखों की प्रतियों में भी कथित छेड़छाड़ हुई थी। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि जुलाई 2010 में कंप्यूटरीकरण का कार्य सौंपे जाने के दौरान पुराने अभिलेखों में मौजूद तथ्यों पर उचित विचार नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व में मौजूद अभिलेखों से संबंधित तथ्यों पर भी समुचित तरीके से विचार नहीं किया गया।

दो पटवारियों को बलि का बकरा बनाने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजस्व अभिलेखों में हुई कथित गड़बड़ी के लिए दो पटवारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि रिकॉर्ड रूम में मौजूद अभिलेखों की भूमिका और वहां हुई कथित छेड़छाड़ की भी जांच की जानी चाहिए थी। याचिकाकर्ता ने न्यायालय के समक्ष यह सवाल उठाया है कि जब रिकॉर्ड की प्रतियां जिला रिकॉर्ड रूम में भी उपलब्ध थीं, तो जांच केवल पटवारियों तक सीमित क्यों रखी गई।

सेवा समाप्ति से लेकर पुनरीक्षण आदेश को दी चुनौती
याचिका में 6 अगस्त 2011 के सेवा समाप्ति आदेश, 13 अप्रैल 2023 के अपीलीय आदेश और 6 अक्टूबर 2025 के पुनरीक्षण आदेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने इन आदेशों को निरस्त करने की मांग की है।

पुनर्निर्णय अपील करीब 11 साल तक लंबित रहने का दावा
याचिका में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2011 में पुनर्निर्णय के लिए प्रस्तुत की गई अपील करीब 11 वर्षों तक लंबित रही। इसके बाद अपीलीय कार्यवाही में भी अभिलेखों की जांच और कथित गड़बड़ियों से जुड़े पहलुओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब हाईकोर्ट द्वारा शासन और संबंधित अधिकारियों से चार सप्ताह में जवाब मांगे जाने के बाद मामले में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। याचिका में लगाए गए आरोपों पर शासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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