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अवैध धातु कारोबार के आरोपों से मचा हड़कंप, प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल
Singrauli News: सिंगरौली। जिले में चोरी के सामान और अवैध धातु कारोबार पर रोक लगाने के दावों के बीच बैढ़न कोतवाली क्षेत्र के बलियरी इलाके से गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कुछ कबाड़ दुकानों पर कथित तौर पर चोरी का माल खपाया जा रहा है और तांबे की केबल, वाहन पार्ट्स तथा अन्य धातु सामग्री जलाकर कीमती धातु निकाली जा रही है। इन आरोपों के बाद कानून व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
रात में आता सामान, सुबह बनकर निकलता कबाड़
क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि देर रात संदिग्ध वाहनों से सामान कबाड़ केंद्रों तक पहुंचता है। इसके बाद तार, प्लास्टिक और अन्य सामग्री जलाकर तांबा एवं धातु अलग की जाती है। सुबह तक वही सामग्री कबाड़ के रूप में बाहर भेज दी जाती है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में उठता धुआं और खुले में जलती सामग्री स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
धुएं से परेशान लोग, शिकायतों पर नहीं कार्रवाई
बलियरी क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि तार, प्लास्टिक और रबर जलने से निकलने वाला धुआं आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
लाइसेंस की आड़ में दूसरा कारोबार?
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ दुकानों के पास सामान्य स्क्रैप या प्लास्टिक कबाड़ का लाइसेंस है, लेकिन मौके पर लोहे, सरिया, वाहन पार्ट्स, केबल और पीतल जैसी सामग्री का कारोबार किया जा रहा है। यदि ऐसा है, तो संबंधित विभागों को इसकी जांच कर नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस मार्ग से रोजाना संदिग्ध वाहन गुजरते हैं, उसी क्षेत्र में पुलिस की गश्त भी होती है। इसके बावजूद यदि गतिविधियां जारी हैं, तो यह गंभीर जांच का विषय है। लोगों का कहना है कि नियमित सत्यापन, दस्तावेज जांच और कबाड़ केंद्रों की निगरानी से कई अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
चोरी की घटनाओं से जोड़कर देख रहे लोग
पिछले कुछ समय में जिले में लोहे, सरिया, बिजली सामग्री, वाहन पार्ट्स और तार चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। अब लोग इन घटनाओं को कबाड़ नेटवर्क से जोड़कर देख रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि चोरी का माल खरीदने वालों पर कठोर कार्रवाई हो, तो चोरी की घटनाओं पर स्वतः अंकुश लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार खुले में तार, प्लास्टिक और रबर जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक है। इससे जहरीला धुआं निकलता है, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
संयुक्त जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संयुक्त जांच अभियान चलाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो, तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि इन आरोपों की जांच कर कार्रवाई की जाती है या मामला केवल चर्चाओं तक सीमित रह जाता है।