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Classes are being conducted in a dilapidated building, the roof is constantly cracking, the responsible people are silent
Singrauli News : नए सत्र के रूप में 15 जून से जिले भर में स्कूलों के दरवाजे स्कूली बच्चों के लिए खोल दिए जाते हैं जिसमें नवीन कक्षाओं में प्रवेश लेने के साथ नए बच्चों का भी स्कूल में पदार्पण होता है दो माह तक स्कूल बंद के दौरान शासन स्तर पर नए सत्र संचालन से पूर्ण तैयारी के निर्देश के बाद भी जिले के अधिकांश स्कूल बदहाली में पुनः संचालित हैं।
जिसमें जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरदह के ग्राम चोलार में संचालित प्राथमिक विद्यालय काफी जर्जर स्थिति में है जिसके कारण यहां अध्यनरत छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है विद्यालय भवन की छत लगातार चटक रही है जिससे छात्र-छात्राओं के जान को खतरा भी हो सकता है।
इसके बाद भी सर्व शिक्षा अभियान विभाग इस भवन की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है भवन की स्थिति का आकलन उसके बाहरी दीवारों से ही समझा जा सकता है जबकि भवन के अंदर रंग रोंगन से कमरे की जीर्ण शीर्ष को छीपाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन बारिश के दौरान सीलन और लगातार छत से चटक रही सीमेंट की परत उसकी जर्जरता को बयां कर जाती है।
वही विद्यालय के अध्यापकों ने बताया कि स्कूल भवन काफी जर्जर स्थिति में है जिसके छत से प्लास्टर के टुकड़े आए दिन गिरने की वजह से बच्चों के घायल होने का डर भी बना रहता है इसके साथ ही बारिश वाले दिन छत से पानी टपकने के कारण कक्षा में जल भराव हो जाने से बैठने की भी जगह नहीं रह जाती।
मरम्मत पर विभाग नहीं दे रहा ध्यान
विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि जर्जर विद्यालय को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई है जिसके बाद भी मरम्मत के लिए कोई बजट प्रदान नहीं किया जा रहा है।