Kedarnath Mandir: दीपावली पर 20 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ धाम, भव्य सजावट बनी आकर्षण का केंद्र
Singrauli News: शिवगढ़ प्रीमियर लीग सीजन-11 का आगाज, 16 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरीं
Singrauli News: निगाही सीएचपी में मधुकान कंपनी के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन, जीएम कार्यालय का किया घ
IND vs NZ 2nd ODI: 135 रन के लक्ष्य के सामने लड़खड़ाई टीम इंडिया, बारिश ने बचाई लाज
Singrauli News: देवसर के सहुआर मोड़ पर दुकान में घुसा सीमेंट लदा ट्रेलर, कई वाहन क्षतिग्रस्त
Singrauli News: दूधिचुआ में डीजल टैंकर से कम तेल मिलने की शिकायत पर जांच, मुगलसराय से पहुंची टीम
RRB NTPC Graduate Recruitment 2026: एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल भर्ती
Diwali sales set to cross Rs 7 lakh crore nationwide, Delhi records Rs 1 lakh crore: CAIT
Odisha CM, LoP cancel Diwali celebrations in solidarity with disaster-hit people
Rajnath Singh asks Defence Forces to maintain high operational readiness amid emerging security thre
Singrauli News: Dust pollution is spreading due to the open-air loading of coal at Sarai railway station; allegations suggest that the amount being loaded far exceeds the permitted capacity.
स्टेशन प्रबंधक बोले- प्रदूषण हो रहा है, व्यवस्था दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए लिखेंगे पत्र
Singrauli News: सिंगरौली। सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर कोयला परिवहन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सालाना 4.80 लाख मीट्रिक टन कोयले की लोडिंग और परिवहन की अनुमति होने के बावजूद यहां 25 से 30 लाख मीट्रिक टन तक कोयले का परिवहन किए जाने का आरोप लगा है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल ने इस पूरे मामले को उठाया है। उनका आरोप है कि निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक कोयला परिवहन होने के कारण आसपास के क्षेत्र में धूल प्रदूषण फैल रहा है। इसका असर स्थानीय रहवासियों, रेलवे यात्रियों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। मामले में खास बात यह है कि सरई रेलवे स्टेशन के प्रबंधक रविकांत ने भी कोयला परिवहन से प्रदूषण होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने व्यवस्था को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने के लिए रेलवे प्रशासन को पत्र लिखने की बात कही है।
अनुमति और परिवहन के आंकड़ों में अंतर का आरोप
कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल के मुताबिक, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थापना सहमति आदेश (CTE-64580) के तहत कोल यार्ड को सालाना अधिकतम 4 लाख 80 हजार मीट्रिक टन कोयले की लोडिंग और परिवहन की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद सरई रेलवे स्टेशन से प्रतिवर्ष 25 से 30 लाख मीट्रिक टन कोयले का परिवहन होने का दावा किया जा रहा है। जायसवाल ने रेलवे के वाणिज्य विभाग को 122.59 करोड़ रुपये से अधिक का मालभाड़ा मिलने का भी हवाला दिया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब अनुमति निर्धारित मात्रा के लिए है तो उससे कई गुना अधिक कोयले का परिवहन किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों के आधार पर परिवहन की वास्तविक मात्रा और अनुमति की शर्तों की जांच कराने की मांग की है।
स्टेशन प्रबंधक ने मानी प्रदूषण की समस्या
कोयला परिवहन से फैल रहे प्रदूषण को लेकर स्टेशन प्रबंधक रविकांत ने बताया कि रेलवे की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर कोयला परिवहन के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस गतिविधि से प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने के लिए रेलवे प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा, ताकि प्रदूषण की समस्या कम हो सके।
खुले में कोयला परिवहन से आबादी और यात्रियों को परेशानी
अरुण जायसवाल का आरोप है कि कोयले के खुले परिवहन और भंडारण के कारण उड़ने वाली धूल आसपास के रहवासी क्षेत्रों तक पहुंच रही है। इससे स्थानीय लोगों के साथ रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कोयला परिवहन के दौरान धूल को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों पर भी सवाल उठाए हैं।
आंदोलन और NGT जाने की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी है कि यदि कोयला परिवहन की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम नहीं हुए तो ग्रामीणों और आम जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही इस मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष भी उठाया जाएगा। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन और संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।