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सिस्टम पर भारी बैढन पटवारी, निलंबन के एक दिन बाद बहाली के आदेश
Singrauli News : सिंगरौली में इन दिनों एक पटवारी पर कार्रवाई फिर कुछ दिन बाद ही बहाली को लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है। बात ही कुछ ऐसी है कि कई वर्षो से जमे इस पटवारी पर अधिकारी भी इन पर मेरहबान रहे है नहीं तो कई वर्ष से एक ही जगह पर पटवारी का कार्य करते हुए अपने कारगुजारी को बरकरार रख पाना मुमकिन नहीं है। जिस पटवारी पर कुछ पल पहले कार्रवाई होती है और कुछ दिन बाद ही उनकी बहाली हो जाती है ऐसा लगता है मानो इनके संबंध उच्च लेबल के नेताओं से है यह हम नहीं कह रहे हैं बल्की प्रदेश महासचिव कांग्रेस कमेटी म.प्र.भास्कर मिश्रा के बाेल है। उन्होंने कहा कि अपर कलेक्टर साहब के आदेश को पटवारी कुछ दिन बाद ही बदलवाने का पावर रखते है और इनके संबंध बड़े बड़े नेताओं से है।
दरअसल पूरा मामला बैढन पटवारी उमेश नामदेव के निलंबन से जुड़ा है। हालांकि पटवारी साहब परिचय के मोहताज तो नहीं है उनके बारे में ज्यादा बताने की आवश्यकता तो नहीं है,उनका नाम सुनने मात्र से लोग उन्हें भली-भांति पहचान लेते है। जिले के अन्य पटवारियों के अपेक्षा बैढन पटवारी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। पटवारी साहब की गिनती जिले के माने जाने धनवान, बड़े हवेली के मालिक पटवारी में गिनती होती है। समूचे वैढ़न में साहब की निलंबन की चर्चा जोरो पर है। चर्चा यह भी है कि 04-11-24 को अपर कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही बरतने में निलंवन का आदेश निकाला था। लेकिन दूसरे दिन ही 06-11- 24 को अपर कलेक्टर ने तत्काल पटवारी के बहाली करके पटवारी के साथ स्वयं चर्चाओं में आ गए है। हालांकि निलंबन और बहाली विभागीय कार्रवाई है इससे लेना देना तो नहीं है लेकिन चर्चा है कि पटवारी साहब ने ऐसा क्या दाव पेंच खेला कि फौरन बहाल हो गए। पटवारी की बहाली की बात किसी को हजम नहीं हों रही है।
इन दिनों चाक चौराहों पर हो रही पटवारी की चर्चाएं
भास्कर मिश्रा ने पहले ही कह दिया है कि उमेश नामदेव पटवारी के संबंध बड़े नेताओं से हैं नहीं तो इतनी जल्दी सस्पेंड होने के बाद फिर से बहाली हो जाना आसान नहीं है। बताया जाता है कि पटवारी एक, दो नहीं बल्कि कई वर्षों से बैढन हल्के में पदस्थ उमेश नामदेव को कार्य प्रणाली से जनता में अब भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों का आरोप है कि पटवारी किसी भी कार्य समय पर नहीं करते और जिनका करते भी है मोटी रकम लेते हैं। सूत्र बताते है की पटवारी दफ्तर में सोनी नामक व्यक्ति साहब का देखभाल करता है। किसका कार्य, कब और कितने में किया जाएगा ये सोनी के द्वारा ही तय पक्का किया जाता है। जमीन के गंभीर व पेचीदा वाले मामले साहब स्वयं तय करते है। पटवारी उमेश नामदेव के कार्यप्रणाली से पूर्ण रूपेण जनता नाराज है। लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर कर रहे है।
आय से अधिक संपत्ति के लगे आरोप
भास्कर मिश्रा ने कहा कि बैढन हल्के के पटवारी उमेश नामदेव की संपत्ति की चर्चा समूचे क्षेत्र में है। आरोप है कि पटवारी साहब ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। आए दिन उनकी संपत्ति की कहानी मीडिया में सुखियों वटोरती है। लोग उनके तारीफ में बताते है कि पटवारी साहब करोड़ों रुपए के मालिक है। साहब के पास ऊंची हवेली है, महंगी गाड़ी है, महंगी भूमि है। सबसे अहम बात तो ये है कि संपत्ति के साथ-साथ इनकी राजनीतिक पकड़ भी बहुत मजबूत है। सत्ता पक्ष के प्रदेश के मुखिया से मधुर संबंध है। जिनके कारण उन पर बड़े अफसर कार्रवाई करने से परहेज करते है। अब इन बातों पर कितनी सत्यता है। ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन एक बात तो है कि साहब की कहानी अटपटी है। अब देखना यह है कि यह पटवारी कब तक लोगांे पर भारी रहेगा या तो इसी तरह अपनी कार्यप्रणाणी करते रहेंगेंं या इन पर उच्च अधिकारी इन पर कार्यवाई करेंगें।