Singrauli News: Big scam of Nagar Nigam Singrauli: Sewage treatment plant closed
के नाम पर हो रहा सरकारी धन का दुरुपयोग
बिना संचालन के हर महीने 75,000 रुपये का भुगतान, जिम्मेदार कौन?
Singrauli News: सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली के स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 41 में स्थित बसंत विहार आवासीय कॉलोनी (प्रधानमंत्री आवास) के पास लगभग 60 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2020 में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) आज भी बंद पड़ा है। बावजूद इसके, निगम द्वारा हर महीने फर्जी भुगतान किया जा रहा है।
60 लाख रुपये की लागत से बना एस.टी.पी
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्देश्य ग्राम देवरा और ग्राम गनियारी स्थित प्रधानमंत्री आवासीय भवनों से निकलने वाले दूषित जल और मल को शुद्ध कर, साफ पानी को नाले में छोड़ना था। लेकिन यह प्लांट शुरू होने के बजाय स्थापना के बाद से ही बंद पड़ा है। परिणामस्वरूप, संपूर्ण गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भीषण दुर्गंध और गंदगी का साम्राज्य बन चुका है।
बंद प्लांट के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला...
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब यह प्लांट वर्षों से बंद पड़ा है, तो फिर नगर निगम सिंगरौली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर महीने 75,000 रुपये का भुगतान किसे किया जा रहा है? कौन सा ठेकेदार यह पैसा हड़प रहा है और किन अधिकारियों की इसमें मिलीभगत है? यह गंभीर जांच का विषय है।
रहवासियों ने निगम आयुक्त से की जांच की मांग
बसंत विहार आवासीय कॉलोनी के रहवासियों ने नगर निगम के आयुक्त का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि इस घोटाले की गहराई से जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
नगर निगम के भ्रष्टाचार पर कब लगेगी रोक?
नगर निगम सिंगरौली के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल उठ रहे हैं। अगर बिना काम किए हर महीने फर्जी भुगतान किया जा रहा है, तो यह स्पष्ट रूप से सरकारी धन की लूट है। अब देखना होगा कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा? रहवासियों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग इस घोटाले में संलिप्त पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।
प्रशासन कब जागेगा...?
नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी है। अब देखना होगा कि क्या सिंगरौली प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह दबा दिया जाएगा?
इनका कहना है।
इस सम्बन्ध में जब नगर निगम आयुक्त दया किशन शर्मा से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि आप के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है मामले की जाँच करवाता हूँ।