Andhre Me Singrauli: Light in claims, darkness in villages. People of many villages of Urjadhani are forced to live in darkness.
Andhre Me Singrauli : मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा के अंतर्गत माडा तहसील के जीर गांव के दर्जनों लोग अंधेरे को अपना भाग्य मान चुके हैं। यह इलाका प्रदेश सहित जिले का अंतिम छोर है। देश को आजाद हुए 76 साल का वक्त बीत गया है। सरकारें विकास के लिए कई दावें करती हैं, लेकिन इन दावों के बीच ऐसी सच्चाई है जिसे देखकर आप सरकार के दावों पर सोचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सरकारें भले ही प्रदेश के कोने-कोने में बिजली पहुंचाने का दावा करें, लेकिन आज भी ऐसे कई गांव है जहां पर बिजली नहीं पहुंच सकी है। कई गांवों के ग्रामीण अंधेरे में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जहां सरकारी कागजों में बिजली पहुंच चुकी है, लेकिन हकीकत में यहां बिजली का नाम-ओ-निशान नहीं है।
ऊर्जाधानी के नाम से देश मे विख्यात सिंगरौली जहाँ ऊर्जा का अपार भंडार है और अपने यहाँ की बिजली से देश के कई राज्य जगमग हो रहे है लेकिन कितने आश्चर्य और शर्म की बात है कि अपने जिले में आज भी कई गांव ऐसे है जहाँ अंधेरा छाया रहता है,कुछ गावो में बिजली है भी तो बिजली विभाग के आंख मिचौली के खेल ने ग्रामीणों को खून के आंसू रुला रहा है।
जाने पूरा मामला
माड़ा तहसील क्षेत्र के जीर गांव अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7,8,9 में अभी तक बिजली के एक भी खम्बे नहीं लगे हैं। जीर गांव के निवासी ददोली प्रसाद साकेत ने कलेक्टर के यहॉ जन सुनवाई में आवेदन देते हुये बताया कि उक्त वार्डो में 1947 से लेकर अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। जबकि कई बार क्षेत्रीय विधायक से लेकर एमपीईबी के अधिकारियों से फरियाद की गयी। बावजूद अभी तक स्थिति जस की तस है। फरियादी ददोली प्रसाद साकेत ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए जीर गांव अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7,8,9 में बिजली जल्द से जल्द पहुंचाई जाये।
योजना में हुआ भ्रष्टाचार
हालांकि सूत्र बताते है कि बिजली कंपनी के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते है कि सौभाग्य योजना के तहत जिले के हर घर बिजली पहुंचाने का काम किया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही की वजह से इस योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ।
दीपक तले अंधेरा
किसी ने सही कहा है कि दीपक तले अंधेरा क्योकि जिस सिंगरौली जिले को उर्जाधानी के नाम से जाना जाता है सिंगापुर की उपाधि मिली हो जो सिंगरौली जिला विद्युत की जननी है उसी जिले के लोग उजाले के लिए तरसते दिखाई दे रहे हैं जिस जिले के विद्युत से कई राज्यो के घरो का अंधेरा दूर होता हो उसी जिले के लोग अंधेरे में अपना जीवन जीने के लिए मजबूर हैं अतः ये कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि दीपक तले अंधेरा।