Singrauli News: Tehsildar and Sarai police station in-charge became teachers, children were filled with confidence
Singrauli News: सरई। सिंगरौली जिले के सरई तहसील अंतर्गत नगर परिषद क्षेत्र के कोनी मे स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरूवार को एक प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला सरई तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा और थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने शिक्षक की भूमिका निभाई। उनकी उपस्थिति मात्र ने विद्यालय के वातावरण में नई ऊर्जा का संचार कर दिया, और बच्चों के चेहरों पर उल्लास साफ झलक रहा था। कलेक्टर सिंगरौली के निर्देशानुसार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य से जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक अधिकारियों को विद्यालयों तक पहुँचने का निर्देश दिया गया है।
इसी क्रम में तहसीलदार और थाना प्रभारी ने विद्यालय में न केवल उपस्थिति दर्ज की बल्कि स्वयं शिक्षण कार्य में भी भाग लिया। विद्यालय के कक्षाओं में जाकर दोनों अधिकारियों ने बच्चों को न केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा दी, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा ने सामान्य ज्ञान के माध्यम से बच्चों की बौद्धिक क्षमता को निखारने का प्रयास किया। उन्होंने सरलता और रोचकता के साथ अध्यापन कर बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न की। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदोरिया ने नैतिक शिक्षा और अनुशासन के महत्व पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बच्चों को ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने की शिक्षा दी। उनकी प्रेरणादायक बातें बच्चों के मन-मस्तिष्क में गहरी छाप छोड़ गईं। ज्ञान-विज्ञान की परिचर्चा के माध्यम से अधिकारियों ने बच्चों को उनके जीवन के लक्ष्य प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि सफलता के मार्ग पर चलने के लिए आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। यह पहल निश्चित ही शिक्षा के प्रति समर्पण और जागरूकता का अनुपम उदाहरण है। बच्चों के बीच अधिकारियों की उपस्थिति ने उनमें आत्मविश्वास का संचार किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि समाज के वरिष्ठ अधिकारी भी उनकी शिक्षा और उज्जवल भविष्य के लिए प्रयासरत हैं। विद्यालय में तहसीलदार और थाना प्रभारी के इस शिक्षण प्रयास की सभी ने सराहना की। यह पहल न केवल बच्चों को प्रेरित करने में सफल रही बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि शिक्षा का प्रसार और सुधार समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है। निश्चित ही इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे और यह पहल अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत बनेगी।