Trending Now

Singrauli News: राज्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में 80 साल से सड़क का

Rama Posted on: 2026-10-03 11:26:00 Viewer: 72 Comments: 0 Country: India City: Singrauli

Singrauli News: राज्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में 80 साल से सड़क का Singrauli News: Road in the state minister's constituency for 80 years

इंतजार, विकास के दावों को आईना दिखाती छुरदा टोला की तस्वीर
मरीज को कंधे पर लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाने की मजबूरी—सवाल यह नहीं कि सड़क कब बनेगी, सवाल यह है कि अब तक बनी क्यों नहीं?

Singrauli News: सिंगरौली। चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घवई के छुरदा टोला में सड़क सुविधा का अभाव एक बार फिर सामने आया है। हालात की गंभीरता उस समय सामने आई, जब एक आदिवासी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे कंधे पर बैठाकर मुख्य सड़क तक ले जाने को मजबूर हुए। सामने आए वीडियो ने वर्षों पुरानी सड़क समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी छुरदा टोला तक सुगम सड़क नहीं पहुंची है। सामान्य दिनों में ग्रामीण किसी तरह आवागमन की परेशानी झेल लेते हैं, लेकिन आपात स्थिति में यही समस्या जानलेवा संकट का रूप ले सकती है। मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए पहले मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़े और इसके लिए कंधे का सहारा लेना पड़े, तो सवाल केवल सड़क का नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की प्राथमिकता का बन जाता है।

एक साल से उठ रही आवाज, फिर भी सड़क का इंतजार
छुरदा निवासी काजल साह का कहना है कि वह पिछले करीब एक वर्ष से सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार गांव की सड़क समस्या उठा रही हैं। इसके बावजूद सड़क निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। काजल साह ने इस मामले को लेकर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और चितरंगी विधायक एवं राज्य मंत्री राधा सिंह से सवाल किया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को इसलिए चुना है कि उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान हो। लेकिन जब किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ती है और उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए कंधे का सहारा लेना पड़ता है, तो विकास के दावों की जमीनी स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मंचों से विकास, गांव में कंधे पर मरीज
छुरदा टोला की तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी को लेकर विकास के दावे किए जाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विकास की योजनाओं का असर उन दूरस्थ टोलों तक भी पहुंच रहा है, जहां आज भी मरीज को सड़क तक पहुंचाने के लिए कंधे का सहारा लेना पड़ता है? काजल साह का सवाल है कि यदि किसी गांव में आज भी आपात स्थिति में वाहन पहुंचना मुश्किल है, तो वहां सड़क को प्राथमिकता में क्यों नहीं लिया जा रहा? आखिर प्रस्ताव कहां अटका है, स्वीकृति हुई है या नहीं, और यदि स्वीकृति हो चुकी है तो निर्माण अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ? इन सवालों का जवाब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मिलना बाकी है।

राज्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में यह तस्वीर क्यों?
छुरदा टोला की समस्या इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह चितरंगी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है और क्षेत्र की विधायक राधा सिंह वर्तमान में राज्य मंत्री हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सड़क सुविधा की स्थिति को लेकर अब तक क्या पहल हुई है। यह सवाल किसी एक व्यक्ति पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है। यदि सड़क की जरूरत लंबे समय से सामने है तो ग्रामीणों को इसकी वर्तमान स्थिति बताई जानी चाहिए। क्या सर्वे हुआ है? क्या प्रस्ताव भेजा गया है? बजट उपलब्ध है या नहीं? निर्माण की जिम्मेदारी किस विभाग की है? और सबसे अहम—सड़क बनने की समयसीमा क्या है?

सवाल अब घोषणा का नहीं, जमीन पर काम का है
छुरदा टोला के ग्रामीणों के लिए सड़क सिर्फ आवागमन का साधन नहीं है। इसका सीधा संबंध इलाज, शिक्षा, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं से है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ने की बात भी ग्रामीणों की ओर से कही जा रही है। ऐसे में मरीज को कंधे पर लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाने वाली तस्वीर को महज एक घटना मानकर आगे बढ़ जाना पर्याप्त नहीं होगा। यह तस्वीर व्यवस्था के सामने एक सीधा सवाल रखती है। जब विकास की योजनाएं गांव-गांव पहुंचाने की बात होती है, तो छुरदा टोला तक सड़क क्यों नहीं पहुंच पाई?

चितरंगी विधानसभा की विधायक राधा सिंह से इस संबंध में जानकारी लेने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो सकी। इसके कारण उनकी ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

Also Read

Leave Your Comment!









Recent Comments!

No comments found...!


Singrauli Mirror AppSingrauli Mirror AppInstall