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दूसरे ऐशडाइक में होगी फ्लाईऐश की व्यवस्था, 3 सितंबर को भोपाल की टीम करेगी निरीक्षण
Singrauli News: सिंगरौली। रिलायंस सासन पावर के क्षतिग्रस्त ऐशडाइक को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में क्षतिग्रस्त ऐशडाइक में फ्लाईऐश के निस्तारण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि फ्लाईऐश को दूसरे ऐशडाइक में निस्तारित किया जाए और इसके सुरक्षित प्रबंधन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ऐशडाइक की मरम्मत और उससे प्रभावित क्षेत्र में चल रहे पुनरुद्धार कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भोपाल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऐशडाइक की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार कराने के निर्देश दिए।
भोपाल से आएगी जांच टीम, होगी तकनीकी जांच
कलेक्टर ने बताया कि 3 सितंबर को भोपाल से जांच दल सासन ऐशडाइक का निरीक्षण करेगा। टीम ऐशडाइक की संरचना और स्थिरता की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि संरचना या निर्माण से जुड़ी कोई तकनीकी खामी सामने आती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रतिभान ठाकुर को मरम्मत कार्य का भौतिक सत्यापन करने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया पूरी होने तक क्षतिग्रस्त ऐशडाइक में फ्लाईऐश न डाली जाए।
प्रभावित किसानों के नुकसान का होगा आकलन
बैठक में ऐशडाइक क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित क्षेत्र में किए जा रहे पुनरुद्धार कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने प्रभावित नागरिकों का सर्वे जल्द पूरा कर फसल और अन्य क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए। प्रभावित खेतों का मृदा परीक्षण कराने और आवश्यकता के अनुसार भूमि का पुनरुद्धार करने को कहा गया, ताकि आगामी फसल की बुवाई से पहले खेतों को खेती के लिए तैयार किया जा सके। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी फसल से पहले भूमि का पुनरुद्धार संभव नहीं होता है तो प्रभावित किसानों को आगामी फसल को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने क्षतिपूर्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
गोरबी की बंद खदानों में फ्लाईऐश निस्तारण का विकल्प
फ्लाईऐश के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल निस्तारण के लिए वैकल्पिक विकल्पों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने गोरबी कोल माइंस की बंद खदानों में फ्लाईऐश निस्तारण की अनुमति लेने के लिए कोयला मंत्रालय, भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने का सुझाव दिया। इसके अलावा ऐशडाइक के आसपास की भूमि का अधिग्रहण कर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने और क्षेत्र में बफर जोन विकसित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नियमित निगरानी पर जोर
कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ऐशडाइक की नियमित और प्रभावी निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपखंड अधिकारी सुरेश जाधव, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रतिभान ठाकुर, संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।