Singrauli News: आइडियल सोशल वेलफेयर सोसाइटी की बैठक में समाजसेवा के कार्यों पर मंथन
Singrauli News: सीएमपीडीआईएल ने सिंगरौली कोलफील्ड में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज को दी नई गति
Singrauli News: एनसीएल ककरी क्षेत्र ने स्कूली बच्चों को दिया प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक कौशल का प्
Singrauli News: एनसीएल ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पर आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक
Singrauli News: भारत विकास परिषद की मासिक बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन
Singrauli News: बिजली व्यवस्था और राजस्व वसूली को लेकर विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक
OMCs find no evidence of 500 ppm chloride or water contamination in E20 petrol
XI BRICS Culture Ministers’ Meeting concludes in Bhopal; Bhopal Declaration adopted
Singrauli News: विद्यालय में शराब के नशे में रहने और कमरे को आवास बनाने के आरोप में सहायक शिक्षिका न
SBI Clerk Recruitment 2026: क्लर्क के 1538 पदों पर रजिस्ट्रेशन आज से शुरू हैं।
Old Monk, McDowell Banned: Sale of several brands—including Bagpiper, Royal Challenge, Old Monk, and McDowell—banned.
FSSAI की जांच में फ्लेवरिंग और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप, कई उत्पादों की बिक्री पर रोक
Old Monk, McDowell Banned: नई दिल्ली। शराब प्रेमियों के बीच लोकप्रिय कई बड़े ब्रांड अब खाद्य सुरक्षा नियामक की जांच के घेरे में आ गए हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन को लेकर कई शराब कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। जांच के दायरे में ओल्ड मोंक, मैकडॉवेल्स नंबर-1, बैगपाइपर, एंटीक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज जैसे चर्चित ब्रांड शामिल हैं। FSSAI का आरोप है कि कुछ कंपनियों ने मानकों के विपरीत बाहरी फ्लेवरिंग का इस्तेमाल कर उत्पादों को रम और व्हिस्की के रूप में बाजार में पेश किया। नियामक के अनुसार, ऐसे उत्पादों में प्राकृतिक प्रक्रिया से विकसित होने वाले स्वाद और खुशबू के बजाय अतिरिक्त फ्लेवर का उपयोग किया गया।
रम या व्हिस्की, या सिर्फ फ्लेवर्ड स्पिरिट?
FSSAI की जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ उत्पादों को स्टैंडर्ड रम या व्हिस्की की श्रेणी में बेचा जा रहा था, जबकि उनमें मुख्य रूप से न्यूट्रल अल्कोहल या एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल का इस्तेमाल किया गया। नियामक का कहना है कि ऐसे उत्पादों को स्पष्ट रूप से "रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट" या "व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट" के रूप में लेबल किया जाना चाहिए, ताकि ग्राहक को उत्पाद की वास्तविक जानकारी मिल सके।
एज और मैच्योरिटी दावों पर भी सवाल
FSSAI ने कुछ उत्पादों पर किए गए उम्र और मैच्योरिटी संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए हैं। जांच के अनुसार, कुछ मामलों में उत्पादों में परिपक्व (मैच्योर) स्पिरिट की मात्रा बेहद कम पाई गई, जबकि लेबल पर उम्र से जुड़े दावे किए गए थे। नियामक के मुताबिक, किसी भी स्पिरिट की उम्र का दावा मिश्रण में मौजूद सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट के आधार पर किया जाना चाहिए।
किन उत्पादों पर हुई कार्रवाई?
FSSAI की जांच के आधार पर कई कंपनियों के कुछ उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। इनमें प्रमुख रूप से—
ओल्ड मोंक के कुछ वेरिएंट
मैकडॉवेल्स नंबर-1 रम
एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की
रॉयल चैलेंज व्हिस्की
बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की
ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम
सेंट्रल प्रोविंस व्हिस्की
मैकडॉवेल्स नंबर-1 सेलिब्रेशन मैच्योर XXX रम शामिल हैं।
ग्राहकों के अधिकारों पर बड़ा सवाल
शराब उत्पादों में गुणवत्ता और सही लेबलिंग को लेकर यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्राहक किसी भी उत्पाद को उसकी पैकिंग और दावों के आधार पर खरीदता है। ऐसे में यदि लेबल पर दी गई जानकारी और वास्तविक उत्पाद में अंतर पाया जाता है तो यह उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बन जाता है।