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Delhi Blast Case: No relief for Al Falah University owner, sent to 14-day judicial custody
Delhi Blast Case: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद सिद्दीकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जावेद सिद्दीकी, जिन्हें अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। हाल ही में दिल्ली में हुए आतंकी हमले के बाद जांच एजेंसियों ने कुछ आरोपों के चलते जावेद को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जावेद सिद्दीकी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि अब उन्हें जेल में रहना होगा और इस दौरान जांच एजेंसी पूछताछ करेगी।
कौन है अल फलाह यूनिवर्सिटी का मालिक?
अल फलाह यूनिवर्सिटी का मालिक जावेद अहमद सिद्दीकी (61) तीन वर्ष जेल में बंद रह चुका है। वह पहले चिट फंड का काम करता था। उसके बाद उसने लोगों को पैसे नहीं दिए थे। उसके खिलाफ 14 से 15 प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। माना जा रहा है कि उसने इन पैसों से यूनिवर्सिटी को खड़ा करने में लगाया। हालांकि बाद में उसने सभी लोगों का पैसा लौटा दिया। वह सभी केसों से बरी हो गया था।
साल 2000 दर्ज हुई एफआईआर (संख्या 43/2000) में सिद्दीकी और उनके भाई सऊद अहमद का नाम दर्ज किया गया था, जो नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 406 और 409 (आपराधिक न्यास का उल्लंघन), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई थी। उन पर 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप था।
मालिक जावेद ने इंदौर से बीटेक सिविल इंजीजिनयर में किया हुआ है। इसके बाद उसने वर्ष 1992 में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में एसिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नौकरी करना शुरू किया। यहां इसने जनवरी, 1994 तक नौकरी की। इसकी दोनों बहनें दुबई में रहती हैं। दोनों बेटे भी दुबई में रहते हैं।
जावेद अहमद सिद्दीकी, अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट का अध्यक्ष है, जो फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर चलाता है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का संबंध नौ कंपनियों से है, जिसका मैनेजिंग ट्रस्टी जावेद अहमद सिद्दीकी है। सिद्दीकी इन नौ कंपनियों का डायरेक्टर है, जो कि इनवेस्टमेंट, शिक्षा, सॉफ्टवेयर, ऊर्जा, निर्यात और कंसल्टेंसी से जुड़ा है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके जावेद अहमद सिद्दीकी, अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट का अध्यक्ष है। अल फलाह विश्वविद्यालय अब उस जांच के केंद्र में है।
रिकॉर्ड के अनुसार, सिद्दीकी का सबसे पुराना संबंध अल-फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी से है, जिसमें वह 18 सितंबर 1992 को शामिल हुए थे। अन्य कंपनियों में अल-फलाह सॉफ्टवेयर, अल-फलाह एनर्जीज, तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन और अल-फलाह एजुकेशन सर्विस शामिल हैं, जिसमें वह हाल ही में (26 दिसंबर 2023 को) जुड़े। अधिकांश कंपनियों का रजिस्ट्रेशन का पता एक ही है- 274-A, अल-फलाह हाउस, जामिया नगर, ओखला, नई दिल्ली। यही वही बिल्डिंग है, जहां से अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट संचालित होता है।
विश्वविद्यालय की शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। ट्रस्ट और कंपनियों में उस्मा अख्तर का नाम भी शामिल है, जो अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की गवर्निंग बॉडी की सदस्य रह चुकी हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहती हैं और वहां कई व्यवसायों से जुड़ी हैं। उनका नाम अल-फलाह एजुकेशन सर्विस और एमजेएच डेवलपर्स जैसी कंपनियों में निदेशक के रूप में दर्ज है। आलिया सिद्दीकी का नाम भी न्यासियों की सूची में है।